Aashirwaad Atta Lottery

Ashirwad atta story

एक हाथ से दिया गया दान हज़ारों हाथों से लौटता है

आप सभी को याद होगा होली के समय से मैंने अपनी बालकनी मे रोटी का टुकड़ा रखती थी। धीरे-धीरे एक पानी का घड़ा भी रखने लगी।

कुछ देर रुकने के बाद वहां पर कौवे- जो कि बिल्कुल ही चमकीली आंखों वाले नुकीली चौच वाले चमकदार काले रंग के नियमित रूप से आने लगे।

जब कभी  भोजन ना रखो कांव-कांव करके मुझ को जगाने लगे- दोपहर के खाने के बाद और शाम को नाश्ते के बाद दोनों ही वक्त होने लगा।

 मिट्टी की तस्तरी  में रखी हुई रोटी का टुकड़ा, चावल भी  खाता था/ जिसके कारण हमारी बालकनी अधिकतर गंदी रहा करती थी। 


क्योंकि अब पछी को खाने का ढंग नहीं सिखा सकते। वह अपनी मर्जी से आते -खाते  से जूठा फैला देते के कारण हमारी पुरानी मकान मालकिन कई बार हमें टोका   करती – कि “देखो घर तुम्हारा बालकनी कितना गंदा रहता है।”


पता नहीं क्यों इन बातो  से मुझे कोई असर नहीं पड़ता है।
  मैंने बचपन से ही जानवर पाले हैं। इसलिए मुझे निशब्द ,मुक भाषा मोहित करती  है।
अब जब नए घर में आ गए ।


अचानक सेआशीर्वाद आटे में एक कान्टेसट कॉन्टेस्ट जिसमे सेल्फी और स्लोगन भेज़ना है। 
मैने सेल्फी लेकर मैंने खुद भेज दिया ।


मेरे पति ने सलोग़न लिखा की “रोटियों में आता है भरपूर स्वाद थैंक यू वेरी मच आशीर्वाद”।


और क्या था हमारा नाम आ गया लकी लोगों में जिन्हे १० किलो आटा हर महीने १ साल तक दिया जाएगा   ।

अब यकीन हुआ जिसमें लोग कहते हैं ।एक हाथ से दिया गया दान हज़ारों हाथों से लौटता है/ आप एक थोड़ा सा भी दान धर्म कीजिए ।
आपके पास बहुत गुना होकर आता है। जिसकी सच्चाईआज मैंने उसको महसूस किया।

2 Replies to “Aashirwaad Atta Lottery”

    1. You have my appreciation Kaluji.

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